देवी
संकलित
मधुपुर गाँव में देवी की पुरानी कुटिया की मिट्टी से बनी दीवारों पर टंगे तेल के दीपक की रोशनी से लंबी, नाचती हुई परछाइयाँ पड़ रही थीं। बाहर, मानसूनी बारिश मधुपुर गाँव को धो रही थी, एक अनवरत ढोल की थाप की तरह जो अंदर की उदास चुप्पी को और बढ़ा रही थी। आज रात, हवा में नमी से ज़्यादा कुछ भारी था; यह डर से घना हो गया था।ठीक एक हफ़्ते पहले, युवा रीना, जो जीवंत और जीवन से भरपूर थी, बीमार पड़ गई थी। एक बुखार जो आग की तरह जल रहा था, उसके बाद एक भयानक कमज़ोरी.......
Category: कहानी | Language: Hindi
- 10 Oct, 2025
- By संकलित